साबूदाना-दही पारफ़े रेसिपी

साबूदाना-दही पारफ़े रेसिपी

व्रत में साबूदाना और दही दोनों ही बहुत पसंद किए जाते हैं। यह साबूदाना-दही पारफ़े इन दोनों को एक ठंडी कटोरी में साथ लाता है। यह क्रीमी और हल्का होता है। साथ ही, यह आपको काफी देर तक पेट भरा हुआ महसूस कराता है। अगर आप नवरात्रि के लिए कोई ऐसी खास रेसिपी ढूंढ रहे हैं जिसमें कम मेहनत लगे, तो यह एक बढ़िया विकल्प है।

कुछ लोग इसे दही-साबूदाना कहते हैं, तो कुछ दही में साबूदाना। डिश वही रहती है - मुलायम साबूदाना, गाढ़ा दही और ताज़े फल, जिन्हें एक गिलास में परतों में सजाया जाता है।

रेसिपी एक नज़र में

  • तैयारी का समय: 15 मिनट (साथ ही साबूदाने को भिगोने के लिए 3 से 4 घंटे)
  • पकाने का समय: कोई नहीं। यह बिना पकाए बनने वाली रेसिपी है।
  • ठंडा करने का समय: 30 मिनट
  • कितना बनेगा: 4 गिलास
  • कितने लोगों के लिए: 4 लोग

साबूदाना-दही पारफ़े के लिए सामग्री

  • ½ कप साबूदाना
  • 1½ कप मधुसूदन दही
  • 1 बड़ा चम्मच शहद या थोड़ी चीनी
  • ¼ छोटा चम्मच भुना जीरा पाउडर
  • स्वादानुसार सेंधा नमक
  • ½ कप अनार के दाने
  • ½ कप कटा हुआ सेब
  • ½ कप अंगूर (आधे कटे हुए)
  • 1 केला (स्लाइस में कटा हुआ)
  • ऊपर से डालने के लिए कटे हुए बादाम या काजू

साबूदाना-दही पारफ़े (साबूदाना-दही रेसिपी) बनाने का तरीका - स्टेप-बाय-स्टेप

1. साबूदाने को भिगोएँ

साबूदाने को पानी से दो-तीन बार धो लें। इसे पानी में भिगो दें ताकि यह पूरी तरह डूब जाए। इसे 3 से 4 घंटे के लिए छोड़ दें। बहुत ज़्यादा पानी न डालें; साबूदाने के दानों को सारा पानी सोख लेना चाहिए।

2. साबूदाने को चेक करें

एक दाने को अपनी उंगलियों के बीच दबाकर देखें। यह मुलायम होना चाहिए और इसके बीच में कोई सख्त सफ़ेद हिस्सा नहीं होना चाहिए। अगर यह अभी भी सख्त है, तो थोड़ा पानी छिड़कें और 30 मिनट और इंतज़ार करें।

3. दही को फेंटें

एक कटोरे में मधुसूदन दही लें। इसे चिकना होने तक फेंटें। इसमें शहद, भुना जीरा और एक चुटकी सेंधा नमक मिलाएं। अच्छी तरह मिक्स करें। 

4. साबूदाना मिलाएं

भीगे हुए साबूदाने को आधे दही में मिलाएं। धीरे-धीरे चलाएं। यह आपकी साबूदाना-दही रेसिपी का बेस है।

5. परफ़े (parfait) की परतें बनाएं

एक लंबा गिलास लें। एक चम्मच साबूदाना-दही डालें। फिर कुछ फल डालें। गिलास भरने तक परतें दोहराते रहें। आखिर में ऊपर से सादा दही डालें।

6. सजाएं और ठंडा करें

ऊपर से अनार के दाने और कटे हुए मेवे (नट्स) डालें। इसे 30 मिनट के लिए फ्रिज में रखें। ठंडा परोसें।

नवरात्रि का खाना: इसे कैसे परोसें

दिन भर के व्रत के बाद, यह रात के खाने के लिए एक अच्छा विकल्प है। यह ठंडा और पेट भरने वाला होता है। यह पेट के लिए भी हल्का रहता है। आप इसे शाम के हल्के नाश्ते के तौर पर भी खा सकते हैं। इसमें पकाने की ज़रूरत नहीं होती, इसलिए यह नवरात्रि के व्रत के खाने के लिए बहुत अच्छा है। आपको बस साबूदाने को एक रात पहले भिगोना होगा।

अगर आप 9 दिनों के लिए नवरात्रि का खाना प्लान कर रहे हैं, तो यह डिश आपको आलू और कुट्टू की आम चीज़ों से हटकर कुछ नया देती है। यह हफ़्ते भर के नवरात्रि व्यंजनों के आइडिया में एक और विकल्प है। जो लोग नवरात्रि व्रत के लिए ताज़गी भरा खाना ढूंढ रहे हैं, उनके लिए यह बहुत काम का है।

यहां मधुसूदन दही क्यों सही है

परफ़े के लिए गाढ़े दही की ज़रूरत होती है। मधुसूदन दही गाढ़ा होता है। यह साबूदाने पर अच्छी तरह चिपक जाता है। यह अपनी परत बनाए रखता है। यह पानी जैसा पतला नहीं होता। इसका हल्का खट्टापन मीठे फलों के स्वाद को संतुलित करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

योगर्ट परफ़े (yogurt parfait) किस चीज़ से बनता है?

यह परतों से बनता है। पहले दही आता है। फिर फल। फिर कुछ कुरकुरी चीज़ जैसे मेवे (नट्स)। इस रेसिपी में, साबूदाना नरम स्वाद देता है। ऊपर से डाले गए मेवे कुरकुरापन देते हैं।

मैं दही-साबूदाना कैसे बनाऊं?

साबूदाने को कुछ घंटों के लिए भिगो दें। यह नरम हो जाना चाहिए। इसे फेंटे हुए दही में मिलाएं। थोड़ा सेंधा नमक डालें। भुना हुआ जीरा डालें। इसे ठंडा करें। ठंडा परोसें।

क्या परफ़े एक हेल्दी डेज़र्ट है?

यह ज़्यादातर मिठाइयों की तुलना में हल्का होता है। दही से कुछ प्रोटीन मिलता है। फलों से फ़ाइबर मिलता है। साबूदाना मुख्य रूप से स्टार्च होता है। इसलिए इसकी मात्रा कम रखें। अगर आपको कोई बीमारी है, तो पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें।

घर पर पारफ़े (parfait) कैसे बनाएं?

एक लंबा गिलास लें। उसमें एक चम्मच दही डालें। कुछ फल डालें। थोड़े नट्स डालें। गिलास भरने तक यही प्रक्रिया दोहराएं। इसे थोड़ी देर ठंडा होने दें। फिर सर्व करें।

इसे पारफ़े क्यों कहा जाता है?

यह शब्द फ्रेंच है। इसका मतलब है "परफेक्ट" (बेहतरीन)। इसकी परतें बहुत अच्छी दिखती हैं। इसके स्वाद एक-दूसरे के साथ बहुत अच्छे लगते हैं। इसी वजह से इसे यह नाम मिला।