पनीर और लौकी कबाब रेसिपी: नवरात्रि के लिए एक स्वादिष्ट शाकाहारी स्नैक
नवरात्रि के पांचवें दिन तक, ज़्यादातर लोग नवरात्रि के आम खाने से ऊब जाते हैं। वही खिचड़ी, वही फल। इन पनीर-लौकी कबाब को आज़माएँ। बाहर से कुरकुरे और अंदर से नरम। यही बात इन कबाब को इतना बढ़िया बनाती है।
दिन भर की थकान के बाद इन्हें बनाना आसान है और ये 9 दिनों के नवरात्रि के खाने में भी फिट बैठते हैं। इन्हें शाम के स्नैक के तौर पर परोसें या नवरात्रि के व्रत में हल्के खाने के तौर पर इनका मज़ा लें। यह एक नवरात्रि स्पेशल रेसिपी है जिसे आप अपनी नवरात्रि डिशेज़ की लिस्ट में ज़रूर शामिल करना चाहेंगे।
तैयारी: 15 मिनट
पकाना: 20 मिनट
कितने बनेंगे: लगभग 10 कबाब
सामग्री
- 1 कप कद्दूकस की हुई लौकी
- 200 ग्राम मधुसूदन पनीर, मैश किया हुआ
- 1 उबला हुआ आलू, मैश किया हुआ
- 3 बड़े चम्मच सिंघाड़े का आटा (या समा के चावल का आटा)
- 1 हरी मिर्च, बारीक कटी हुई
- 1 छोटा चम्मच कद्दूकस किया हुआ अदरक
- ½ छोटा चम्मच भुना जीरा पाउडर
- सेंधा नमक, ज़रूरत के अनुसार
- कटा हुआ हरा धनिया
- तलने के लिए 2 से 3 बड़े चम्मच मधुसूदन देसी घी
Note- व्रत के नियम हर घर में अलग-अलग होते हैं। वही चीज़ें इस्तेमाल करें जिन्हें आपका परिवार मानता है।
बनाने का तरीका
लौकी का पानी निकालें -
इसे कद्दूकस करें। कद्दूकस की हुई लौकी को अपनी हथेलियों के बीच ज़ोर से दबाएँ। लौकी में बहुत पानी होता है और पानी की वजह से ही कबाब टूट जाते हैं। निकले हुए पानी को एक छोटे कप में रख लें, शायद बाद में इसकी ज़रूरत पड़े।
सब कुछ मिलाएँ -
एक बड़े कटोरे में लौकी, पनीर और आलू डालें। फिर आटा, मिर्च, अदरक, जीरा, सेंधा नमक और हरा धनिया डालें। हाथों से मिलाएँ। हल्के हाथों से। गूँथने की ज़रूरत नहीं है।
चेक करें -
थोड़ा सा मिश्रण अपनी हथेली पर लें और दबाएँ। क्या यह जुड़ रहा है? अच्छा है। क्या यह बहुत चिपचिपा है? एक चम्मच आटा और मिलाएँ। क्या यह बहुत सूखा है? लौकी का थोड़ा सा पानी डालने से यह ठीक हो जाएगा।
शेप दें -
पहले अपनी हथेलियों पर थोड़ा घी लगा लें, इससे मिश्रण चिपकेगा नहीं। छोटी और मोटी टिक्कियां बनाएं। ज़्यादा पतली न बनाएं, क्योंकि पतली टिक्कियां पैन में टूट सकती हैं।
ठंडा करें -
इन्हें 10 मिनट के लिए फ्रिज में रखें।
फ्राई करें -
एक नॉन-स्टिक पैन में मध्यम आंच पर एक चम्मच मधुसूदन देसी घी गरम करें। कबाब पैन में रखें। इन्हें 3 से 4 मिनट तक ऐसे ही रहने दें, जब तक कि नीचे से सुनहरे न हो जाएं। धीरे से पलटें, थोड़ा और घी डालें और दूसरी तरफ भी पकाएं।
गरमा-गरम परोसें। पैन से सीधे परोसना सबसे अच्छा है। साथ में मधुसूदन दही और अगर आपका व्रत इसकी इजाज़त दे, तो हरी चटनी भी ले सकते हैं।
कुछ काम की बातें
सिर्फ़ मध्यम आंच पर पकाएं। तेज़ आंच से बाहर की परत तो भूरी हो जाती है लेकिन अंदर से कच्चा रह जाता है।
पनीर को हाथ से मैश करें। मिक्सर में पीसने से यह बहुत बारीक हो जाता है और कबाब नरम पड़ जाते हैं।
घी डालने में कंजूसी न करें। इसकी खुशबू ही तो इसे त्योहारों वाले स्नैक जैसा स्वाद देती है।
फ्राई करने का समय नहीं है? घी लगाएं और 180°C पर 12 से 15 मिनट तक एयर फ्राई करें।
मधुसूदन पनीर और देसी घी ही क्यों?
इतनी कम सामग्री वाली रेसिपी में कुछ भी छिपाया नहीं जा सकता। ताज़ा और नरम मधुसूदन पनीर कबाब को मुलायम बनाए रखता है। और मधुसूदन देसी घी वह सौंधी-सौंधी खुशबू देता है जो साधारण तेल से नहीं मिल पाती।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या नवरात्रि के व्रत में लौकी खा सकते हैं?
ज़्यादातर घरों में हां, और नवरात्रि के व्रत के दिनों में यह आम तौर पर खाई जाती है। फिर भी, अपनी परंपरा के अनुसार देख लें।
मेरे कबाब क्यों टूट गए?
लौकी में अक्सर बहुत ज़्यादा पानी रह जाता है। पानी और निचोड़ें, थोड़ा आटा मिलाएं।
क्या मैं आलू न डालूं?
हां। इसकी जगह एक चम्मच सिंघाड़े का आटा और डाल दें।
क्या इन्हें बेक किया जा सकता है?
हां। घी लगाएं और सुनहरा होने तक बेक या एयर फ्राई करें।